Pelé World’s Best Football Player

Pelé फुटबॉल के इतिहास के सबसे बेस्ट प्लेयर माने जाते हैं, जिन्हें किंग ऑफ़ फुटबॉल और बैक पर्ल नाम से जाना जाता है, उन्होंने अपने बेहतर गेमप्ले से कई रिकार्ड्स अपने नाम किये हैं और साथ ही ब्राज़ील को फुटबॉल में एक अलग मुकाम दिलाने में Pelé का बहुत बड़ा योगदान है, जिन्होंने सभी मुश्किलों का सामना करके दुनिया के सबसे बेस्ट फुटबॉलर होने की पहचान बनाई।

Pelé का रियल नाम Edson Arantes Do Nascimento है उनका जन्म 23 अक्टूबर 1940 को Minas Gerais, Brazil में हुआ। उनके पिता का नाम Dondinho था और वो भी एक फुटबॉल प्लेयर थे लेकिन वो अपने करियर में इतने सक्सेसफुल नहीं हो सके। Pelé जब 10 साल के थे तब से उन्होंने फुटबॉल खेलना शुरू कर दिया था, उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने बचपन में जूते पोलिश करने का काम भी किया और वो सॉक्स को न्यूज़पेपर से भरकर उसकी फुटबॉल बनाकर खेलते थे।

शुरुआत में उन्होंने फुटबॉल अपने पिता से सीखी, वो पहले Indoor League के लिए खेलते थे। अपनी स्किल की वजह Pelé को Bauru एथलेटिक क्लब में पहली बार से खेलने का चांस मिला, जहाँ उन्हें Waldemar De Brito ने ट्रेनिंग दी । उस जगह उन्होंने 1953 से 1956 तक खेला और टीम को लगातार तीन जीत दिलाई, इसके अलावा उन्होंने कई फुटबॉल चैंपियनशिप जीती।

Pelé के करियर की बड़ी शुरुआत तब हुई जब उनके कोच Waldemar De Brito को उनके हुनर का अहसास हुआ और उन्होंने Pelé को Santos Football Club में शामिल कर लिया। Pelé ने 1956 में कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और 7 सिंतबर 1956 को 15 साल की उम्र में उन्होंने सीनियर टीम में डेब्यू किया।Corinthians Santo Andre के खिलाफ अपनी परफॉर्मेन्स से उन्होंने 7-1 से अपनी टीम को जीत दिलाई। इसके बाद उन्हें ब्राज़ील की इंटरनेशनल टीम में ले लिया और 1957 में 16 की उम्र में उन्होंने अपना पहला इंटरनेशनल मैच अर्जेंटीना के खिलाफ खेला। इस मैच में ब्राज़ील हार गई लेकिन Pelé ने अपना पहला इंटरनेशनल गोल कर दिया।

1958 के वर्ल्ड कप में उन्होंने 4 मैचेस में 6 गोल किये और 4 वर्ल्ड कप में कई पुराने रिकॉर्ड तोड़े और 1962 में उन्होंने अपनी टीम को इंटरकॉन्टिनेंटल कप को जीतने में अपनी टीम की काफ़ी हेल्प की ।1962 के वर्ल्ड कप में Pelé को इंजरी के कारण टीम से बाहर होना पड़ा, जिसके कारण वो फ़ाइनल मैच नहीं खेल पाए और ब्राज़ील की टीम दो मैच खेलकर 312 / 395 जिसमें Pelé ने 1 गोल किया था। 1966 के वल्र्ल्ड कप में उन्हें फिर से चोट लगने के कारण टीम से बाहर कर दिया गया। 1969 Maracana Stadium में पेनल्टी किक से वास्को डी गामा टीम के खिलाफ Pelé ने अपना 1000वा गोल किया।

1970 के वर्ल्डकप में Pelé ने और ब्राज़ील ने शानदार वापसी की, जिसमें Pelé ने पूरे टूर्नामेंट में 5 गोल किये और फ़ाइनल में ब्राज़ील में इटली को हराया, फ़ाइनल में भी Pelé ने एक गोल किया, Pelé को अपनी परफॉर्मेन्स के लिए प्लेयर ऑफ़ दी टूर्नामेंट का खिताब दिया गया।Pelé ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 18 जुलाई 1971 को Rio De Janerio में Yugoslavia के खिलाफ खेला। इंटरनेशनल फ़ील्ड में जब Pelé ब्राज़ील की टीम के साथ खेले तब ब्राज़ील की टीम ने 67 मैच जीते, 14 मैच ड्रा हुए और 11 मैच में ब्राज़ील की हार हुई ।

ऑफिशियली उन्होंने अपना आखिरी मैच 1 अक्टूबर 1977 को खेला, ये मैच Cosmos और Santos के बीच शो मैच था, उन्होंने आधा मैच Cosmos के लिए खेला और आधा मैच Santos के लिए खेला और Cosmos ने ये मैच 2-1 से जीता था। उसी साल एक खबर आई थी कि Pelé की राइट किडनी को हटा दिया गया है।उनका फुटबॉल करियर काफ़ी सक्सेसफुल रहा है, 1992 में उनको इकोलॉजी और एनवायरनमेंट के लिए UN एम्बेसडर के लिए चुना गया | Pelé ने अपनी लाइफ़ में तीन शादियाँ की, उनकी पहली शादी Rosmeri Dos Reis Cholbike के साथ 1966 मे हुई जिनसे उन्हें 2 बेटियाँ भी है ।

1982 में उनका तलाक़ हो गया 1994 में उन्होंने Assiria Lemos Seixas से शादी की जिनसे उन्हें जुड़वा बच्चें हुए और उसके बाद वो अलग-अलग हो गए। 2016 में Pelé ने 76 की उम्र में Marcia Aoki से शादी की ।1999 में Pelé को इंटरनेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ दी फुटबॉल हिस्ट्री एंड स्टेटिस्टिक्स ने फुटबॉल प्लेयर ऑफ़ दी सेंचुरी के रूप में चुना । 2010 में इन्हें कॉसमॉस के प्रेज़िडेंट में रूप में चुना गया, फुटबॉल के भगवान कहे जाने वाले Pelé की अद्भुत प्रतिभा को देखते हुए 19 नवंबर 1969 को Santos में Pelé Day के रूप में मनाया जाता है ।

“Success is no accident. It is hard work, perseverance, learning, studying, sacrifice and most of all, love of what you are doing or learningto do”- Pele

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