Nikola Tesla Biography In Hindi

Nikola Tesla एक ऐसे साइंटिस्ट थे जिन्होंने अल्टरनेटिंग करंट का आविष्कार किया और साथ में कई अविष्कार किये, आज हम हमारे घर में जिस लाइट का यूज़ कर रहे है वो भी Nikola Tesla की ही देन है, एक ऐसे वैज्ञानिक जिन्होंने अपनी लाइफ़ में कभी फ़ेम नहीं देखा और हमेशा क्रिटिसाइज़ हुए लेकिन उनके इन्वेंशन ने आज 21वी सदी में उतना ही फ़ेम दिया जो उन्हें उस वक़्त मिलना चाहिए था। Nikola Tesla का जन्म 10 जुलाई 1856 को Croatia में हुआ था, उनके पिता का नाम Milutin Tesla और माँ का नाम Duk Mandic था, उनके पिता एक चर्च में प्रीस्ट थे। Tesla पाँच भाई-बहनों में से चौथे नंबर पर थे और जब वो पाँच साल के थे तब उनके भाई की डेथ हो गयी थी । Tesla ने हमेशा अपने बुद्धिमान होने का श्रेय अपनी माँ को दिया, उनके पिता चाहते थे कि वो भी उनकी तरह ही चर्च में प्रीस्ट का काम करे लेकिन उनका जीवन तो साइंस के लिए बना था ।

Tesla पढ़ाई में इतने इंटेलिजेंट थे कि उनके टीचर के द्वारा दी गयी इकुएशन को अपने माइंड में ही सॉल्व करके उसके जवाब टीचर्स को देते थे, जिस पर यकीन कर पाना टीचर्स के लिए मुश्किल होता था। उन्होंने अपनी इंटेलीजेंस से अपनी चार साल की ग्रेजुएशन तीन साल में ही कम्पलीट कर ली थी। वो सर्बियन और इंग्लिश के साथ-साथ जर्मन और फ्रेंच जैसी कुल आठ लैंग्वेज को बोलना और लिखना जानते थे।1873 में जब Tesla 17 साल के थे तब वो हैजा की बीमारी से पीड़ित हो गए थे, वो इतने ज़्यादा बीमार हुए की उनकी मौत होने वाली थी लेकिन 9 महीने तक बीमारी से लड़ने के बाद वो फिर से स्वस्थ हो गए । बीमारी के टाइम उनके पिता ने उन्हें खुश करने के लिए कहा कि अगर वो ठीक हो गए तो उनका एडमिशन किसी बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज में करवा देंगे।

1875 में Tesla ने ऑस्ट्रिया के Graz में एक पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन लिया। 1878 में Tesla कॉलेज पूरा होने के बाद Maribor गए और वहाँ ड्राफ्ट्समैन की जॉब पर लग गए और एक साल बाद उनके पिता की डेथ के बाद वो फिर से Gospic आ गए और वहाँ अपने पुराने स्कूल में टीचर की नौकरी करने लग गए। 1881 में Tesla बुडापेस्ट, हंगरी में Tivadar Puskas (इन्वेंटर ऑफ टेलीफोन एक्सचेंज) के अंडर में टेलीग्राफ़ कंपनी में काम करने लग गए, लेकिन उन्हें वो कंपनी ठीक न लगने की वजह से वो बुडापेस्ट में फिर से ड्राफ्ट्समैन की नौकरी करने लग गए।एक साल बाद 1882 में Tivadar Puskas ने उन्हें पेरिस में कॉन्टिनेंटल एडिसन कंपनी में नौकरी दिलवा दी, जहाँ Tesla ने इलेक्ट्रिक पॉवर से रिलेटेड काफ़ी नॉलेज लिया और जब मैनेजमेंट को Tesla के पोटेंशियल का पता चला तो वो Tesla को फ्रांस और जर्मन में प्रोब्लेम्स को ट्रबलशूट करने भेजते थे।

1884 में Tesla Edison के मैनेजर के साथ एडिसन मशीन वर्क्स न्यूयॉर्क में गए, जहाँ उनकी मुलाकात इन्वेंटर/बिज़नेसमैन Thomas Alva Edison से हुई, कुछ टाइम बाद Edison को ये बात पता चल गयी थी कि Tesla के साथ काम करने से उन्हें कितना फ़ायदा हो सकता है, Edison Tesla को जाने नहीं देना चाहते थे लेकिन Tesla को उनके AC करंट के आईडिया पर काम करना था इसलिए उन्होंने एडिसन मशीन वर्क्स से रिज़ाइन कर दिया।एडिसन मशीन वर्क्स के बाद Tesla अपने AC करंट के आईडिया को इम्प्लीमेंट करने लग गए और Robert Lane और Benjamin Vali नाम के इन्वेस्टर्स ने Tesla के इस आइडिया पर इन्वेस्ट किया और Tesla ने अपनी खुद की कंपनी Tesla Electric Light And Manufacturing बना दी।उसके बाद Tesla ने AC इंडक्शन मोटर और टेस्ला कॉइल पर भी काम किया। Tesla में अपने इन्वेंशन और रिसर्च के बेस पर कई प्रेडिक्शन की, जो आज सच साबित हो रही है, उन्होंने कहा था कि एक दिन हम सिर्फ़ सिग्नल की मदद से मैसेज और बात कर सकेंगे और इस डिवाइस के उन्होंने पॉकेट टेक्नोलॉजी का नाम दिया। सेंचुरी के अंत में Tesla ने उनके इन्वेंशन टेस्ला कॉइल का पेटेंट करवाया, जो वायरलेस टेक्नोलॉजी पर आधारित था और आज बहुत-सी एडवांस टेक्नोलॉजी इस पर आधारित है। इन्ही सब इन्वेंशन के दौरान 1891 में Tesla को अमेरिका की सिटीज़नशीप मिल गयी थी ।

Tesla और Edison के किस्से आज पूरी दुनिया में फ़ेमस है, Tesla को Edison के मुकाबले इतना नाम नहीं मिला और उनकी मौत भी गुमनामी और ग़रीबी के बीच हुई थी । Tesla चुप-चाप रहने वाले साइंटिस्ट थे, अपनी अकेले रहने की इस आदत से शायद वो एक बिज़नेसमैन नहीं बन सके और उन्हें ग़रीबी में जीवन जीना पड़ाEdison ने Tesla को 50 हज़ार डॉलर ऑफर किये थे ताकि वो उनकी DC मोटर को और भी ज़्यादा बेहतर बना सके, Tesla ने उनकी मोटर को और भी बेहतर तरीके से डिज़ाइन किया लेकिन बाद में Edison अपने 50 हज़ार डॉलर के वादे से मुकर गए और उसे अमेरिकन ह्यूमर नाम के मज़ाक का नाम दे दिया। Tesla के आख़िरी साल बहुत अकेले और ग़रीबी में गुज़रे थे, वो अपने अंतिम दिनों में अपने कमरे में अकेले कबूतरों के साथ रहते थे, 7 जनवरी 1943 को उनकी मौत भी एक होटल में हुई जहाँ वो बिल्कुल अकेले रहते थे।

उन्होंने अपनी लाइफ़ साइंस के नाम कर दी और अपनी इंटेलिजेंस का राज़ अपना ब्रह्मचारी होना बताया था शायद यही वजह थी कि उन्होंने कभी शादी नहीं की, उनके अंतिम समय में लोग उनका बिहेवियर देखकर उन्हें पागलभी बताते थे।Tesla ने अपने जीते जी कभी फ़ेम नहीं देखा और उनके जाने के लगभग 60 साल बाद अब उनकी की गई प्रिडिक्शन सच साबित होने लगी तब जाकर उनके काम काफ़ी आगे आने लगे हैं, उनके किये गए इन्वेंशन आज भी न्यू टेक्नोलॉजी का आधार है।उनके टाइम में उनके इन्वेंशन इतने ज़्यादा एडवांस थे कि उन्हें कोई समझ नहीं सका, लेकिन अब जाकर ये समझ आ रहा है कि वो असल में पागल नहीं बल्कि एक बुद्धिजीवी थे, जिनको समझ पाना नॉर्मल इंसान के बस की बात नहीं थी, शायद यही वजह है लोगों के द्वारा उनको पागल ठहराये जाने की ।

“The present is theirs; the future, for which I really worked, is mine.”- Nikola Tesla

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