Michael Jordan Basketball player

Michael Jordan को बास्केटबॉल का आज तक का सबसे बेस्ट प्लेयर माना जाता है, जिन्होंने स्टार्टिंग के फैलियर और करियर के बीच बहुत डिफिकलटीज़ को पार करके हार्डवर्क और बास्केटबॉल की तरफ डेडिकेशन से वो मुक़ाम हासिल किया, जहाँ तक किसी भी प्लेयर का पहुँचना बहुत मुश्किल हैं।

I can accept failure, everyone fails atsomething. But I can’t accept not trying.ये सेंटेंस Michael की स्टोरी बयान करती है कि उनकी लाइफ़ कितने उतार चढ़ाव से भरी है वो सक्सेसफुल हुए और अनसक्सेसफुल भी हुए, उनके पिता का मर्डर हुआ, लाइफ़ में बहुत सी कंट्रोवर्शिज़ आई लेकिन मुश्किल कंडीशन में भी खुद को संभाल कर आगे बढ़ने की तरफ ध्यान दिया और आज वो सबसे बेस्ट बास्केटबॉल प्लेयर हैं।17 फरवरी 1963 को ब्रूकली के एक मिडिल क्लास फ़ैमिली में Michael Jordan का जन्म हुआ, वो 5 भाई-बहनों में 4th नंबर पर थे। उस समय ड्रग्स और रेसिस्म के कारण उनकी फ़ैमिली कैरोलिना के विलिंगटन शहर में चले गए, जहाँ उन्होंने अपनी पढ़ाई कम्पलीट की । Michael के पेरेंट्स ने बचपन से ही Michael के माइंडसेट को सक्सेसफुल बनाने के लिए तैयार कर दिया था।Michael बचपन से बास्केटबॉल में नहीं जाना चाहते थे, उनका इंटरेस्ट तो बेसबॉल में जाना था।

12 साल की उम्र तक वो बेसबॉल खेला करते थे और उसमें वो काफ़ी अच्छे प्लेयर भी थे, लेकिन बास्केटबॉल में जाने के पीछे एक अलग कहानी हैं।एक बार बचपन मे Michael अपने भाई के साथ बास्केटबॉल खेल रहे थे तो उनके भाई Lorry ने उन्हें बास्केटबॉल में हरा दिया और वो इस अपमान को सहन नहीं कर सके और इतने छोटे इंसिडेंट की वजह से उन्होंने अपने आप को बास्केटबॉल का बेहतर प्लेयर बनाने की ठान ली और रेगुलर इस गेम में अपने आप को बेहतर बनाने में लग गए और उन्हें इस गेम से प्यार हो गया।Michael के बचपन की एक इंस्पायरिंग घटना जो सभी के लिए बहुत इंस्पायरिंग साबित होती है, जब Michael 13 साल के थे तब उनके पिता ने उन्हें अपने पास बुलाया और एक पुराना और इस्तेमाल हुआ टी-शर्ट देकर पूछा कि अच्छा बेटा यह बताओ इस टी-शर्ट की कीमत कितनी होगी ? माइकल थोड़ा सोचने के बाद बोले यह 1 डॉलर का होगा, तो पिता ने कहा तुम्हें कुछ भी कर के बाजार में जाकर इस टी-शर्ट को 2 डॉलर में बेचना है ।माइकल ने सोचा कि ऐसा क्या किया जाये जिससे इस पुराने टी-शर्ट के 2 डॉलर मिल सके। माइकल ने उस टी-शर्ट को अच्छे से धो दिया और फिर घर पर इस्त्री न होने के कारण उसे ढेर सारे कपड़ों के नीचे सीधा करने के लिए रख दिया। अगले दिन उन्होंने देखा टी-शर्ट पहले से बेहतर दिखाई दे रहा है, उसके बाद उन्होंने पास के रेलवे स्टेशन पर जाकर 5 घंटो की कड़ी मेहनत के बाद उसे बेच दिया और बहुत खुश होते हुए घर आये और अपने पापा को पैसे दे दिये।

15 दिनों के बाद पिता ने फिर से वैसा ही एक कपड़ा दिया और कहा कि जाओ इसे 20 डॉलर में बेच कर आओ | इस बार माइकल को थोड़ा-सा आश्चर्य हुआ कि भला इसके 20 डॉलर कौन देगा ।लेकिन पिता ने कहा एक बार कोशिश तो करो तो उन्होंने फिर से अपना दिमाग़ लगा कर सोचा और अपने दोस्त की मदद से शहर जा कर उस कपड़े पर मिकी माउस की स्टीकर लगवा लिया और ऐसे स्कूल के सामने जा कर खड़े हो गये जहाँ ज़्यादातर बच्चे अमीर घर से ही आते थे।एक छोटे बच्चे ने अपने पापा से कह कर उसे खरीद लिया। उस छोटे बच्चे के पिता ने उस कपड़े को 5 डॉलर एक्स्ट्रा टिप देकर ख़रीदा और इस तरह उन्होंने 1 डॉलर के उस कपडे 20 डॉलर में बेचा और 5 डॉलर टिप भी मिली, इस तरह कपड़े को पूरे 25 डॉलर में बेच कर Michael बहुत ज़्यादा खुश थे और खुशी – खुशी आकर उन्होंने अपने पिता जी को बताया ।कुछ दिनों के बाद माइकल को उनके पिता जी ने एक और कपडा दिया और बोला की जाओ इसे 200 डॉलर में बेच के आओ, इस बार माइकल को लगा की अब तो यह बहुत ही ज़्यादा है लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी क्योंकी अभी तक Michael पिता जी के द्वारा दिए गए इस कार्य में पूर्ण रूप से सफल हो रहे थे ।

आख़िरकार माइकल ने यह काम को भी करने की ठान ही ली लेकिन उन्होंने इस बार इस काम के बारे में 2-3 दिन तक सोचा कि आखिर वह कैसे इस पुराने से कपड़े को जिसका मूल्य मात्र 1 डॉलर है उसे 200 डालर में कैसे बेचे? जैसा कि हम जानते है कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, ठीक उसी तरह Michael ने हार नहीं मानी और उस पुराने कपड़े की कीमत बढ़ाने का उपाय खोज ही लिया Michael उस कपड़े को लेकर शहर गए ।उन्होंने देखा कि उस दिन शहर में कोई बहुत ही बड़ी पापुलर एक्ट्रेस आई है Michael पुलिस के द्वारा बनाये गये सुरक्षा घेरे को तोड़कर कपड़े पर उस एक्ट्रेस का ऑटोग्राफ लेने में कामयाब हो गये।बच्चे की मासूमियत देख एक्ट्रेस भी मना नहीं कर पाई, अगले ही दिन Michael उस ऑटोग्राफ वाले कपड़े को लेकर बाजार निकल गये ।

वहाँ बहुत भीड़ जमा हो गई जो उसे खरीदना चाहती है और उस कपड़े की बोली लगाईं जा रही थी, आख़िरकार Michael ने वो कपड़ा 2000 डॉलर में बेचा ।इस घटना के बाद से Michael के पिता को इस बात का अहसास हो गया कि उनका बेटा अब जीवन में कुछ भी कर सकता है। Michael एक ऐसे व्यक्ति हैं जो आज की युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल हैं।Michael की लाइफ़ में हर उस बड़े आदमी की लाइफ़ के जैसे बहुत मुश्किलें आयी, जब वो 10th क्लास में थे तो गर्मियों की छुट्टी के दौरान उन्होंने जूनियर बास्केटबॉल टीम को जॉइन किया, जहाँ उनका परफॉर्मेन्स बाकी प्लेयर से काफ़ी अच्छा था, लेकिन फाइनल टीम के लिए उनको सेलेक्ट नहीं किया गया क्योंकि उनकी हाइट बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले काफ़ी कम थी ।ये इंसिडेंट उनके करियर की पहली निराशा थी, इस घटना के बाद उन्होंने खुद को और बेहतर बनाने की सोची और जब भी वो प्रैक्टिस करने जाते तो सबसे पहले जाते और सबके जाने के बाद तक पूरे डेडिकेशन के साथ प्रैक्टिस करते और फाइनली हार्डवर्क की वजह से नेक्स्ट ईयर अपनी हाई स्कूल टीम में सेलेक्ट हो गए और अपनी टीम के स्टार प्लेयर बन गए।कॉलेज में भी उन्होंने अपने बास्केटबॉल के करियर को स्टार्ट रखा, Michael अपनी कॉलेज यूनिवर्सिटी ऑफ नार्थ कैरोलिना की टीम के प्रमुख प्लेयर थे ।

1982 में National Collegiate Athletic Association Championship में अपनी टीम को जीत दिलाने में Michael का प्रमुख रोल था, 1984 में लॉस एंजेलिस समर ओलंपिक में US बास्केटबॉल टीम के कप्तान थे जिसमें Michael ने टीम को विनर बनाया। 1984 में Michael ने ग्रेजुएशन के दौरान ही शिकागो बुल्स टीम को जॉइन कर लिया, Michael के आने से पहले शिकागो टीम एक हारी हुई टीम थी लेकिन Michael कर आते ही टीम ने अपनी परफॉर्मेंस दिखानी शुरू कर दी ।वहाँ उनकी परफॉर्मेंस इतनी जबरदस्त थी कि 1984-1985 में उन्होंने हर मैच में 28 पॉइंट के एवरेज स्कोर बना कर स्टार प्लेयर बन गए।

लेकिन उसके अगले साल Michael के पैर में चोट लगने की वजह से वो अगला सीज़न नहीं खेल पाए ।उसके अगले सीज़न में वो और भी जोश और मेहनत से टीम में वापस आये और पूरी सीज़न में 3000 पॉइंट करने वाले प्लेयर बन गए। 1987-88 में Michael मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर बन गए थे और डिफेंसिव प्लेयर ऑफ दी ईयर का ख़िताब भी जीता ।Michael अपनी शानदार परफॉर्मेन्स से सक्सेस की सीढ़ियों पर चढ़ते जा रहे थे, उन्होंने अपनी टीम को 1990-1991, 1991-1992, 1992-1993 का विनर बनाने में सबसे मैन रोल निभाया। 1992 में वो गोल्ड मेडल टीम का हिस्सा रहे ।Michael की लाइफ़ मुश्किलों से भरी रही क्योंकि 1993 में Michael को गैंबलिंग करते देखा गया और उन्हें बास्केटबॉल से सन्यास लेना पड़ा जिससे वो काफ़ी टूट चुके थे, फिर उनके पिता की हत्या हुई उसका रीज़न भी गैंबलिंग के कारण हुई दुश्मनी ही पता चलती है ।

बास्केटबॉल से सन्यास के बाद उन्होंने शिकागो लीग बेसबॉल का कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया था मतलब अगर बास्केटबॉल नहीं तो बेसबॉल ही सही लेकिन वो रुकना तो चाहते ही नहीं थे।1993-1994 में शिकागो बुल्स का बास्केटबॉल में परफॉर्मेंस अच्छा नहीं रहा क्योंकि Michael उस टीम में नहीं थे, लेकिन कुछ समय बाद Michael ने फिर से बास्केटबॉल में एंट्री की और 1997 तक शिकागो बुल्स को अपने लेवल से कभी नीचे नहीं आने दिया।Michael पहले एथेलेटिक्स बिलेनियर हैं, Michael के नाम पर सबसे बड़ी स्पोर्ट्स अपैरल कंपनी Nike के Air Jordan नाम के शूज़ भी आते हैं, वो Nike, Cocacola, Mcdonalds जैसी बड़ी ब्रांड को प्रमोट भी कर चुके हैं और 2010 की फ़ोर्ब्स 20 सेलेब्रिटीज़ में भी उनका नाम आ चुका है ।

जैसे क्रिकेट का भगवान सचिन को माना जाता है वैसे ही Michael Jordan को बास्केटबॉल का भगवान माना जाता हैं।अगर उनके अचीवमेंट्स की बात करे तो उन्होंने जिस भी रीज़न से फूटबैक किया था तो अगली बार वो उससे डबल जोश और मेहनत के साथ वापस आते और अपने काम से लोगों का दिल जीत लेते।

“Some people want it to happen, some wish it would happen, others make it happen.” – MichaelJordan

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