J.K. Rowling (Harry Potter)

-J.K. RowlingHarry Potter की अमेज़िंग दुनिया को सबसे पहले JK Rowling ने अपनी इमेजिनेशन में देखा था, जो सिर्फ़ बुक्स सैलिंग से बनने वाली दुनिया की पहली बिलेनियर है। | Rowling का जन्म 31 जुलाई 1965 को इंग्लैंड के Yate शहर में हुआ था, उनके पिता एक इंजीनियर थे और उनकी माँ एक साइंस तकनीशियन थी।

Rowling पढ़ाई में अच्छी थी लेकिन उन्हें किसी बड़ी यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका नहीं मिला, उनकी माँ हमेशा बीमार रहती थी और उनके बीच झगड़े की वजह से उनकी पढ़ाई पर बहुत प्रभाव पड़ा।Rowling ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ना चाहती थी, उसके लिए उन्होंने एंट्रेंस एक्ज़ाम भी दिया लेकिन उनका एडमिशन किसी रीज़न की वजह से नहीं हुआ और उन्होंने अपने BA की डिग्री यूनिवर्सिटी ऑफ एक्ज़िटर से हासिल की।

BA की डिग्री के बाद उन्होंने छोटी-मोटी जॉब्स की, जिसमें उन्होंने रिसेप्शनिस्ट के तौर पर जॉब की, उनकी जॉब्स के दौरान वो एक ट्रेन में मैनचेस्टर से लंदन का सफ़र कर रही थी तब उन्हें एक छोटे बच्चें की कहानी दिमाग़ में आई जो उनके माइंड में इतना घर कर गयी कि जब वो सफ़र करके घर पहुँची तो उन्होंने बिना देर किए उस कहानी को लिखना शुरू कर दिया।उस वक़्त Rowling की उम्र 25 साल थी उसी टाइम पीरियड में उनकी बीमार माँ की डेथ हो गयी जिससे वो पूरी तरह से टूट गयी।उनकी माँ की डेथ के बाद वो पुर्तगाल शिफ़्ट हो गयी वहाँ उनकी मुलाक़ात जर्नलिस्ट Jorge Arantes से हुई और उन्होंने शादी कर ली।

उनकी शादी के बाद उन्हें एक बेटी हुई जिसका नाम Jessica Isabel Rowling है, Jessica से पहले उनका एक बार गर्भपात भी हो चुकाथा।जब उनकी बच्ची Jessica 1 महीने की थी तब उनके पति ने उन्हें आपसी झगड़े के कारण घर से बाहर निकाल दिया था और उस इंसिडेंट की वजह से वो डिप्रेशन में आ गयी थी क्योंकि उनके साथ उनकी 1 महीने की बच्ची थी और वो जॉबलेस थी।इसी रीज़न से उन्होंने सुसाइड अटेम्प्ट भी किया लेकिन वो नाक़ाम हो गयी और उन्होंने उसी डिप्रेशन से इंस्पायर होकर Harry Potter के डेमेंटर्स कैरेक्टर को बनाया।उसके बाद Rowling अपनी बेटी को लेकर स्कॉटलैंड अपनी बहन के यहाँ चली गयी और एक स्कूल में इंग्लिश टीचर की जॉब की, वहीं से उन्होंने अपने हस्बैंड से डिवोर्स ले लिया।Rowling के पास अपनी लिखी बुक को प्रिंट करवाने के लिए पैसा नहीं होने के कारण पब्लिशर को भेजने के लिये बुक की कॉपीज़ खुद ही टाइप करके भेजी लेकिन एक के बाद एक 12 पब्लिशर्स ने उनकी नावेल को रिजेक्ट कर दिया । इतनी प्रोब्लेम्स के बाद भी उनका कॉन्फिडेंस लेवल इतना था कि उन्हें इस बात को लेकर कोई दुख नहीं हुआ । फाइनली जून 1997 में लंदन के एक छोटे पब्लिशिंग हाउस Bloomsbury के ओनर की बेटी को Rowling की लिखी नावेल बहुत पसंद आई और वो Harry Potter को पब्लिश करने के लिए तैयार हो गयी।

जिन्होंने स्टार्टिंग में 1000 कॉपीज़ प्रिंट की जिसमें से 500 लाइब्रेरीज़ में डिस्ट्रीब्यूट की गई और आज Harry Potter की स्टार्टिंग की ओरिजिनल कॉपीज़ की वैल्यू 20000 पाउंड्स से भी ज़्यादा है।कुछ महीनों बाद Harry Potter ने ब्रिटिश बुक अवार्ड और चिल्ड्रन बुक ऑफ दी ईयर का अवार्ड जीता और अक्टूबर 1997 में उस नावेल को पब्लिश करके, उसके राइट्स एक ऑक्शन में 105000 डॉलर्स में Scholastic Inc. के द्वारा खरीद लिए गए, उसी के साथ Rowling की सक्सेस एक अलग लेवल पर पहुँचती जा रही थी और अब तक Harry Potter सिरीज़ की 50 करोड़ से भी ज़्यादा कॉपीज़ बिक चुकी हैं।

उनके Harry Potter सिरीज़ पर फ़िल्म बनाने के राइट्स Warner Bros. ने ख़रीद लिए और Harry Potter की 8 फ़िल्म्स का प्रोडक्शन किया जिसकी फ़र्स्ट मूवी 2001 में रिलीज़ हुई और लास्ट 2011 में जो सभी सुपरहिट साबित हुई।Harry Potter नावेल की वजह से Rowling वर्ल्ड की फ़ेमस राइटर के अलावा दुनिया के सबसे अमीर लोगों में आने लगी । 2011 में Rowling फ़ोर्ब्स के वर्ल्ड के सबसे अमीर लोगों में 1140वी पोजीशन पर थी और 2011 में Rowling ने दूसरी शादी कर ली।वो अभी स्कॉटलैंड में रहती हैं, Rowling की लाइफ़ में आये उतार-चढ़ाव में भी उन्होंने अपने काम को कंटिन्यू रखा और अपने आप को एक सक्सेसफुल राइटर के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत किया ।

“Happiness can be found, even in the darkest of times, if one only remembers to turn on the light.”-J.K. Rowling

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