Isaac Newton Biography In Hindi

Isaac Newton एक महान फिज़िसिस्ट, मैथेमेटिशियन, एस्ट्रोनॉमर और ऑथर थे, जिन्होंने गुरुत्वाकर्षण की थ्योरी को दुनिया के सामने लाया। उन्हें इतिहास के सबसे प्रभावशाली साइंटिस्ट में से एक माना जाता है। 1685 में लिखी प्रिंसिपल मैथेमेटिशियन से उन्होंने साइंस में जो योगदान दिया है वो उन्हें सबसे महान बनाता है ।सर Isaac Newton का जन्म 4 जनवरी 1643 को Lincolnshire, इंग्लैंड में हुआ, कई लोगों का मानना है कि उनका जन्म क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर 1642 को हुआ था। उनके पिता की डेथ उनके जन्म लेने के दो महीने पहले हो चुकी थी। जब Newton तीन साल के थे तब उनकी माँ उन्हें उनकी दादी के पास छोड़ कर चली गई और दूसरी शादी कर ली।

जब Newton के सौतेले पिता की डेथ हुई तब उनकी माँ उनके पास वापस आयी और उन्हें फार्मिंग करने के लिए कहा गया लेकिन Newton का मन तो शुरू से पढ़ाई और नई चीज़ों को सीखने में था, इसलिए उन्होंने अपनी गाँव की प्राइमरी स्कूल में एडमिशन लिया और बाद में 12 साल से 17 की उम्र तक उन्होंने The King’s School Grantham में पढ़ाई की ।Newton की पढ़ाई के प्रति दिलचस्पी देख उनके अंकल जो ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज से पढ़े थे, उन्होंने Newton की माँ से Newton को ट्रिनिटी कॉलेज भेजने को कहा और Newton ने ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज में एडमिशन लिया। उस टाइम Newton वहाँ कॉलेज की फ़ीस के लिए पियोन का काम भी करते थे ।

उस टाइम कॉलेज की पढ़ाई Arastu की थ्योरी पर आधारित थी लेकिन Newton मॉडर्न फिलॉसॉफ़र्स को पढ़ना चाहते थे। पढ़ाई में अच्छे होने के कारण उनके कॉलेज से उनको स्कॉलरशिप मिली जिससे उनके पढ़ाई के खर्च निकल सके।पढ़ाई के दौरान ही Newton ने 1665 में Binomial Theorem की खोज की और एक मैथेमैटिकल कांसेप्ट पर काम करना शुरू किया जो बाद में जाकर Calculous बना । Newton ट्रिनिटी कॉलेज में 1668 तक रहे उस दौरान उन्होंने BA और MA की डिग्री कम्पलीट कर दी थी ।

उसी बीच 1665 में प्लेग नाम की बीमारी फैली थी और उस कारण उनका कॉलेज अस्थायी रूप से बंद हो गया था, सभी स्टूडेंट्स आस-पास के गाँवो में चले गये और Newton भी अपने फ़ार्म पर अपनी माँ के पास चले गए। उसी पीरियड में एक दिन Newton एक सेव के पेड़ के नीचे बैठे थे और ऊपर से एक सेव आकर गिरा और तब ग्रेविटेशनल फ़ोर्स नाम की थ्योरी पहली बार Newton के माइंड में आई।

Newton ने ये भी बताया कि ग्रेविटेशनल फ़ोर्स दूरी बढ़ने के साथ-साथ कम हो जाता है, इसलिए पृथ्वी हर चीज़ को अपनी तरफ खिंचती है और पृथ्वी कितनी ताक़त से उनको खिंचती है ये उसके मास औरवैल्यू पर डिपेंड करता है। Newton ने अपनी पूरी लाइफ़ ग्रेविटी मैकेनिक्स की खोज में दे दी, उन्होंने Principia Mathematica नाम की एक बुक लिखी, Newton ने इसमें मोशन के तीन लॉ को समझाया। जिसमें उन्होंने प्लेनेटरी मूवमेंट्स को भी एक्सप्लेन किया। साइकिल से लेकर एरोप्लेन, जिन रूल्स को ध्यान में रखकर बने वो रूल असल में Newton ने ही खोजे हैं।

उन्होंने 1670 से 1672 तक ऑप्टिक्स थ्योरी पर काम किया, उन्होंने बताया कि जो सनलाइट हम देखते हैं असल में वो वाइट नहीं बल्कि अलग-अलग कलर से मिलकर बनती है। उन्होंने दो लेन्सेस का यूज़ करके टेलीस्कोप इंवेंट किया जिसे Newton Telescope कहा जाता है और उन्होंने Reflecting Telescope भी बनाया।1675 में उन्होंने Molecules के बीच में होने वालेRepulsion और Attraction को समझाया, उन्होंने बताया कि Molecules के बीच के फ़ोर्स को Trasmitted करने से हम ईश्वर तक पहुँच सकते हैं, वो बहुत धार्मिक किस्म के इंसान थे इसलिए उन्होंने हमेशा अपनी खोज में ईश्वर को मैन सोर्स माना, बाद में इसी थॉट को उन्होंने एक्शन और रिएक्शन के रूप में डिफ़ाइन किया।

इसी दौरान Newton एक विवाद में भी फँसे थे जब Newton कैलकुलस थ्योरी पर काम कर रहे थे, जो Newton 3 Gottfried Wilhelm Leibniz बीच हुआ था। Newton के अनुसार उन्होंने 1666 में कैलकुलस थ्योरी पर काम करना शुरू किया था लेकिन Gottfried Wilhelm Leibniz ने 1674 में इस थ्योरी पर काम करना शुरू किया था, फिर भी Gottfried को लग रहा था कि उन्होंने पहले इस थ्योरी को दिया है। हालाँकि Newton ने बाद में 1687 में अपनी बुक Principia में कैलकुलस के बारे में सब बता दिया था। ऐसा माना जाता है कि Newton ने कभी शादी नहीं की, उन्होंने अपनी पूरी लाइफ़ रिसर्च और इन्वेंशन में दे दी। Newton ने बाइबिल पर अपनी रिलीजियस रिसर्च भी लिखी । Newton 1701 में यूनाइटेड किंगडम पार्लियामेंट के मेंबर भी रहे और 1705 में उन्हें नाइट बैचलर की उपाधि भी मिली।20 मार्च 1727 को 84 साल की उम्र में नींद में Newton की डेथ हो गयी, जिन्हें Westminster Abbey में दफ़नाया गया, आज हम जिन सुविधाओं को भोग रहे हैं, उनके पीछे इसी महान आविष्कारी की सालों की तपस्या छुपी है, जिनके लिए हमें हर वक़्त ग्रेटफुल रहना चाहिए।

“Errors are not in the art but in the artificers.”- Isaac Newton

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