Colonel Sanders

दोस्तों लगातार प्रयास करने के बाद भी सफलता हाथ न लगने और अपनी बढ़ती उम्र के कारण परेशान रहने वाले लोगों को Colonel Sanders की ये शॉर्ट बायोग्राफी बहुत इंस्पायर करेगी, जिन्हें सैकड़ों बार फैलियर का सामना करने के बाद 65 कि उम्र में सफलता मिली और सफ़लता भी ऐसी मिली कि अंत मे जाकर वो बिलेनियर बने, जिनके सफ़लता का स्वाद दुनिया भर के लोग चखते ही नहीं बल्कि बड़े चाव से कहते हैं, Colonel Sanders वही इंसान हैं जिन्होंने KFC को जन्म दिया।

Colonel Harland David Sanders का जन्म 9 सितंबर 189 को Henryville Indiana में वो हुआ। एक बहुत ग़रीब फ़ैमिली से बिलोंग करते थे, उनके पिता एक कसाई थे और उनकी माँ एक हाउस वाइफ़ थी, Sanders अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े थे और जब वो 5 साल के थे तब उनके पिता की डेथ हो चुकी थी जिसके कारण उन्हें बचपन से ही मुश्किलें देखनी पड़ी। उनके पिता की डेथ के बाद उनकी माँ ने एक टोमेटो कैचअप कंपनी में नौकरी की, तब Harland की उम्र काफ़ी कम थी।

कुछ टाइम बाद उनकी माँ ने दूसरी शादी कर ली और अपने सभी बच्चों के साथ Indiana रहने चली गयी, जब उनकी माँ काम पर जाती थी तो वो अपने छोटे भाई-बहनों का ध्यान रखते थे क्योंकि उनके भाई-बहन उस टाइम बहुत छोटे थे। जब वो 7th क्लास में थे तब पैसों की कमी के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी और अपनी ज़िंदगी चलाने के लिए नौकरी करनी पड़ी ।

जब Colonel 15 साल के थे तब उन्होंने बस में कंडक्टर की नौकरी की और 1906 में 16 साल की उम्र में आर्मी में जॉइन कर लिया और नौकरी की वजह से क्यूबा कुछ टाइम आर्मी में नौकरी करने के बाद वो एक लोहार के यहाँ हेल्पर के तौर पर नौकरी पर लग गए, 2 महीने की नौकरी के बाद Colonel ने रेलवे के पार्ट्स को साफ़ करने की नौकरी की । चले गए,उसके बाद उन्होंने स्टीम इंजन स्टॉकर की नौकरी की, जो एक स्थायी जॉब थी और Sanders वहाँ 1910 तक रहे, उसी जॉब के दौरान उन्होंने Josephine King से शादी कर ली और कुछ दिनों बाद Sanders का उनके कलीग के साथ झगड़ा होने की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया।

नौकरी जाने के साथ-साथ उनकी बीवी भी उन्हें छोड़कर अपने पेरेंट्स के साथ रहने चली गयी, Sanders ने अपनी रेलवे की नौकरी के दौरान Law का कोर्स भी किया था और नौकरी जाने के बाद उन्होंने लॉयर के तौर पर प्रैक्टिस करना शुरू किया, लेकिन कहीं भी उन्हें सक्सेस हाथ नहीं लगी लेकिन फिर भी वो हमेशा नए-नए काम में अपने हाथ आज़माते थे।उसके बाद उन्होंने इंश्योरेंस बेचने का काम किया, कई दुकानों में सेल्समैन का काम किया, टायर बेचने का काम किया, Ohio River में स्टीम बोट चलाने का काम भी किया लेकिन सक्सेस दूर-दूर तक कहीं नजर नहीं आयी लेकिन फिर भी उन्होंने अपने प्रयास करने नहीं छोड़े। 40 की उम्र तक आते-आते उन्होंने सैकड़ो जगहों पर काम किया लेकिन उन्हें कहीं पर भी सफ़लता हासिल नहीं हुई और 1930 में Shell Oil Company ने उन्हें एक सर्विस स्टेशन ऑफ़र किया और Sanders ने कॉर्बिन, केंटकी में अपना सर्विस स्टेशन खोला, कुछ टाइम सर्विस स्टेशन चलाने के बाद उन्हें ये अहसास हुआ कि सर्विस स्टेशन चलाने से उन्हें कुछ खास इनकम नहीं हो रही है तो उन्होंने सर्विस स्टेशन की खाली जगह पर चिकन बनान शुरू किया और सर्विस स्टेशन के पास बने क्वार्टर में रहने वाले लोगों को डूअर टू डूअर सर्विस किया।

उसके बाद एक रेस्टोरेंट खोला जहाँ वो आने वाले ट्रक ड्राइवर्स को अपनी सीक्रेट रेसिपी से बनाये हुए फ्राइड चिकन सर्व करते थे और लोगों को उनके हाथ का बना चिकन पसंद आने लगा । 1935 में केंटकी के गवर्नर वहाँ से गुज़र रहे थे तभी उन्हें Sanders का रेस्टोरेंट दिखा और उन्हें वहाँ का चिकन इतना पसंद आया कि उन्होंने Sanders का नाम Colonel रख दिया।1950 में उनकी लाइफ़ में फिर से मुश्किल आयी जब उनका रेस्टोरेंट चलना बन्द हुआ, क्योंकि उनका रेस्टारेंट फ्लोरिडा हाईवे पर था और वहाँ से आने जाने वाले लोग उनके मैन कस्टमर थे लेकिन उस टाइम फ्लोरिडा जाने के लिए एक नया हाइवे बनना शुरू हुआ और उस रोड़ पर लोगों का आना-जाना कम होने लगा और Sanders के रेस्टारेंट पर पड़ने वाली भीड़ दिन-दिन कम होती गई।

लेकिन मुश्किल आने के बाद भी Sanders चुप वाले कहाँ थे, 65 साल की उम्र में होने के बावजूद बैठने उन्हें अपनी चिकन रेसिपी पर बहुत भरोसा था इसलिए उन्होंने अपनी रेसिपी का नाम Kentucky Fried Chicken (KFC) रख दिया और उसकी फ्रैंचाइज़ी लोगों को बेचना शुरू कर दिया, एक बार उन्होंने बताया था कि उनकी रेसिपी को 1009 बार रिजेक्ट किया गया, लेकिन हार न मानने की वजह से 12 साल की मेहनत के बाद 600 फ्रैंचाइज़ी सेल कर चुके थे।आज 145 देशों में 24000 से भी ज़्यादा आउटलेट्स हैं और तब से आज तक KFC दुनिया की सबसे सक्सेसफुल फ़ूड चैन में से एक है। 16 दिसंबर 1980 को Sanders ने 90 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन आने वाले समय में लोगों के लिए कई सिख दे गए ।

लोग कम उम्र में होने के बाद भी रिजेक्शन से हार मान लेते हैं उनके लिए Colonel Sanders एक मिसाल है, जिनकी पूरी लाइफ़ संघर्ष और चुनोतियों से भरी थी, जिन्हें बचपन में पिता के जाने के बाद रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था और हज़ार से ज़्यादा रिजेक्शन के बाद रिटायर होने की उम्र में उन्होंने आखिरकार एक सफ़ल बिज़नेसमैन बनकर दुनिया को दिखा दिया, आज शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जो KFC फ़ूड चैन के बारे में नहीं जनता होगा।

“One has to remember that every failure can be a stepping stone to something better.”-

Colonel Sanders

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