Leonardo Da Vinci

Leonardo Da Vinci को वैसे तो एक पेंटर के रूप में ज़्यादा जाना जाता है लेकिन वो एक इंटेलेक्चुअल इंसान थे और पेंटिंग के साथ-साथ और भी कई चीज़ों में एक्सपर्ट थे। आज Vinci अपनी बनाई गई पेंटिंग मोनालिसा से ज़्यादा जाने जाते हैं। उनकी लाइफ़ बहुत ही रहस्यमयी रही है जिस पर आज भी रिसर्च जारी है और उनके द्वारा दुनिया के लिए किए गए काम 600 साल बाद आज भी लोगों के लिए एक इंस्पिरेशन है।

Leonardo Da Vinci का जन्म 15 अप्रैल 1452 को इटली के Vinci शहर में हुआ था, उनके पिता एक लॉयर थे, उनकी माँ ने Leonardo के जन्म के बाद दूसरी शादी कर ली और Leonardo के पिता ने 4 शादियाँ की थी और Leonardo उनमें से सबसे पहले बेटे थे और वो अपने पिता के साथ ही बड़े हुए।1469 में जब Leonardo 17 साल के थे तब उनके पिता फ्लोरेंस चले गए और उनका मूर्ति बनाने में इंटरेस्ट को देखकर उनके पिता ने उन्हें Andrea Del Verrocchio नाम के एक फ़ेमस आर्टिस्ट से मिलवाया, जिनसे उन्होंने आगे मूर्ति बनाने का काम भी सीखा। Verrocchio के साथ Leonardo ने अपने काम को इतना तराश लिया था कि वो Verrocchio के बनाये गए आर्ट को भी मात देने लग गए थे, 20 साल की उम्र तक Leonardo, Verrocchio की आर्ट स्कूल के सबसे बेस्ट आर्टिस्ट बन गए थे और फ्लोरेंस सिटी में एक अच्छी रेपुटेशन भी बना दी ।

1476 में Leonardo पर एक औरत के साथ ग़लत संबंध बनाने के आरोप भी लगे, जिससे फ्लोरेंस सिटी में बनाये गए उनके नाम पर काफ़ी ग़लत प्रभाव पड़ा । वो केस कोर्ट के अनुसार साबित झूठा हुआ, उसके 2 साल बाद तक Leonardo ने क्या काम किया, उसका कोई रिकॉर्ड अभी तक किसी के पास नहीं है। 1481 में 29 साल की उम्र में उन्हें एक वॉल पेंटिंग Adoration Of The Magi का काम मिला जो आज भी वर्ल्ड फ़ेमस है।

Leonardo 30 की उम्र तक फ्लोरेंस सिटी में रहे और मूर्तिकला पर काम किया उसके बाद वो इटली के मिलान शहर के शासक Ludovico Sforza की सेना में इंजीनियर के तौर पर रहे, जहाँ उन्होंने बहुत-सी मशीनरी डेवलप की जिसमें हेलीकॉप्टर के डिज़ाइन, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स, पैराशूट, एरोप्लेन और भी कई मशीनों के डिज़ाइन तैयार किये और साथ-साथ अपनी कला का भी प्रदर्शन किया।

“The Last Supper” नाम की फ़ेमस पेंटिंग भी उन्होंने मिलान में ही बनाई थी, Leonardo सिविल इंजीनियरिंग में भी बहुत माहिर थे, सेना में रहने के दौरान उन्होंने एक नदी के ऊपर हैंगिंग ब्रिज भी बनाया और दीवारों को अलग-अलग तरीके से डिज़ाइन किया ताकि दुश्मन सेना के अटैक से बचा जा सके।1499 में Leonardo वेनिस आ गए और एक साल वहाँ रहने के बाद 1500 में Leonardo फिर से फ्लोरेंस आ गए और 1503 से 1506 के बीच उन्होंने अपनी सबसे फ़ेमस पेंटिंग मोनालिसा बनाई, ये पेंटिंग उन्होंने 51 साल की उम्र में बनाना शुरू किया था।

मोनालिसा फ्लोरेंस शहर के एक सिल्क मर्चेंट Francesco Del Giocondo की वाइफ़ थी, जो पेंटिंग बनाने के दौरान रोजाना Leonardo के स्टूडियो में आती थी, इस पेंटिंग की सबसे खास बात ये है कि कोई भी इस पेंटिंग को देखकर मोनालिसा के एक्सप्रेशन अच्छे से नहीं बता सकता कि एक्ज़ेटली मोनालिसा खुश है या दुखी है । मोनालिसा की पेंटिंग का काम पूरा करने के बाद Leonardo फिर से इटली के शहर मिलान चले और अगले 7 सालों तक मिलान के शासक के वहाँ रहे, जहाँ वो अपने आर्ट का प्रदर्शन करते थे, Leonardo ने इस पीरियड के दौरान “”The Virgin And The Child And St. Anne” नाम की फ़ेमस पेंटिंग बनाई।1517 में Leonardo रोम आ गए और वहाँ के राजा Francis 1st के यहाँ गेस्ट बनकर रहने लगे, जहाँ से उनको पेंशन भी मिलती थी, Leonardo ने वहाँ 3 साल गुज़ारे और 1519 में Leonardo की डेथ हो गयी।

Leonardo की लाइफ़ मिस्ट्री से भरी हुई है क्योंकि उनकी लाइफ़ के कई साल काफ़ी गुप्त तरीके से गुज़रे हैं, आज तक किसी को नहीं पता हैं कि Leonardo उस समय में किस जगह थे और क्या कर रहे थे और किसी भी पेपर्स में उस समय का उनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं हैं।Leonardo Da Vinci जीवहत्या और हिंसा के बिल्कुल ख़िलाफ़ थे इसलिए वो वेजीटेरियन भी थे और हिंसा के ख़िलाफ़ होने के बावजूद भी उन्हें युद्ध के हथियार डिज़ाइन करने पड़े। हमेशा सिचुएशन ऐसी बनी रही कि उनके आधे से ज़्यादा स्कल्पचर, पेंटिंग और मशीनरी डिज़ाइन अधूरी ही रह गयी |

उनके द्वारा बनाये गए नदी के डिज़ाइन, बाँध और वाटर कंज़रवेशन को लेकर किये गए डिज़ाइन भी पेपर में ही रह गए लेकिन Leonardo की मौत के बाद साइंटिस्ट और डिज़ाइनर ने Leonardo को अपना आइडियल माना और उनके बनाये गए डिज़ाइन पर काम करके उन्हें असली रूप दिया।

आज से 600 साल पहले उन्होंने हेलीकॉप्टर, एरोप्लेन, टैंक पंडुपी, स्पाइरल स्टैर्स और भी कई डिज़ाइन को इमेजिन किया और पेपर पर बनाया था और आज हम डिज़ाइन और इनोवेशन देख रहे हैं, उनकी डिज़ाइन और Leonardo की बनाई डिज़ाइन्स काफ़ी मिलती जुलती है । एक तरीके से देखा जाए तो उनकी इमेजिनेशन हमें इस टाइम में देखने को मिल रही है जो उन्होंने उस टाइम में सोची थी।Leonardo Da Vinci जैसे महान लोग दुनिया में बहुत कम हुए हैं, जिनको शायद अपने जीते-जी तो इतना फ़ेम नहीं मिल सका लेकिन उनकी असली अहमियत उनके जाने के 500 साल बाद आज भी लोगों को पता चलती है।

“Simplicity is the ultimate sophistication.”-

Leonardo Da Vinci

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